सतना के मझगवां वनपरिक्षेत्र में बाघ संरक्षण को नई तकनीकी ताकत मिलने जा रही है। मार्च 2026 से पूरे रेंज में 200 अत्याधुनिक ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे बाघों की गतिविधियों, सुरक्षा और अवैध शिकार पर प्रभावी निगरानी संभव होगी।
महाराजा मार्तण्ड सिंह जूदेव चिड़ियाघर, मुकुंदपुर में दिल्ली से लाए गए सफेद बाघ ‘टीपू’ की किडनी फेल होने से मौत हो गई। टीपू को 9 साल की उम्र में लाया गया था और मात्र दो साल ही यहां रह पाया। इसके साथ ही चार सफेद बाघों की मौत से कुनबा बढ़ाने की उम्मीदें अधूरी रह गईं। अब चिड़ियाघर में सिर्फ तीन सफेद बाघ शेष हैं।
संजय टाइगर रिजर्व सीधी के दुबरी परिक्षेत्र में बाघ टी-43 की करंट से मौत हुई। शिकारियों द्वारा 11 हजार केव्ही लाइन से करंट फैलाने पर बाघ फंस गया और मौके पर ही मारा गया। वन विभाग ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन लगातार हो रही बाघों की मौत से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल।
मध्य प्रदेश के सतना जिले के मझगवां और चित्रकूट वन परिक्षेत्र में 30 से अधिक बाघों की उपस्थिति दर्ज की गई है, लेकिन वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम अब तक नाकाफी रहे हैं। इंटरनेशनल टाइगर डे पर बाघों के संरक्षण की सिर्फ बातें होती हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत डरावनी है — आए दिन बाघ हादसों का शिकार बन रहे हैं। क्या मझगवां को टाइगर रिज़र्व घोषित किया जाना चाहिए?
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर जानें क्यों मध्यप्रदेश है देश का 'टाइगर स्टेट'। 2022 की गणना में 785 बाघों के साथ टॉप पर, कान्हा टाइगर रिजर्व को मिला सर्वश्रेष्ठ आवास का दर्जा। जल गंगा संवर्धन और नवाचारों से मिली सफलता।

















